
- देशभारत
- मूल भाषाहिन्दी
- ऑडियोहिन्दी
- निर्देशकMahesh Manjrekar
- शैलीनाटक, एक्शन
Pitaah (2002) — हिन्दी नाटक
6.42002नाटक और एक्शन2 घं 7 मि18
एक पिता की पीड़ा न्याय की खोज को भड़काती है
सारांश
"पिताah" एक रोमांचक नाटक है जो असहनीय त्रासदी के सामने न्याय की खोज में गहराई से उतरता है। यह फिल्म एक पिता पर केंद्रित है, जिसे संजय दत्त ने निभाया है, जिसकी जिंदगी एक बुरे सपने में बदल जाती है जब दो पुरुष उसकी छोटी बेटी के साथ घिनौना अपराध करते हैं। ग्रामीण भारत के पृष्ठभूमि में सेट, कथा सामने आती है जब पिता अपनी पीड़ा और उन सामाजिक अन्यायों से जूझता है जो अपराधियों की बजाय उसकी निर्दोष बच्ची की रक्षा करते हैं। यह प्रतिशोध की निराशाजनक खोज उसके लिए एक परिभाषित क्षण बन जाती है, जो उसकी क्रियाओं को प्रेरित करने वाले गहरे भावनात्मक उथल-पुथल को प्रदर्शित करती है।
"पिताah" का केंद्रीय संघर्ष माता-पिता के प्यार, अन्याय और स्वायत्तता के विषयों की खोज करता है। जैसे-जैसे पिता कानूनी प्रणाली की सीमाओं और उसके चारों ओर के नैतिक पतन का सामना करता है, फिल्म एक तंग और तीव्र स्वर ग्रहण करती है। निर्देशक महेश मांजरेकर एक ऐसी कथा का निर्माण करते हैं जो न केवल एक व्यक्ति की व्यक्तिगत संघर्ष को उजागर करती है जो अपनी बेटी का प्रतिशोध लेना चाहता है, बल्कि उन सामाजिक मानदंडों की भी आलोचना करती है जो अक्सर शक्तिशाली को कमजोर के खर्च पर बचाते हैं। फिल्म का वातावरण भावनाओं से भरा हुआ है, जो न्याय की खोज में किनारे पर धकेले गए एक माता-पिता की निराशा और संकल्प को दर्शाता है।
2002 में रिलीज़ हुई, "पिताah" उन दर्शकों के साथ गूंजती है जो नैतिकता, न्याय और परिवार के बंधनों के मुद्दों से जूझते हैं। एक पिता की निरंतर लड़ाई का चित्रण प्रणालीगत अन्याय के खिलाफ एक व्यापक दर्शक वर्ग से जुड़ता है, विशेष रूप से एक ऐसे देश में जहां ऐसे सामाजिक चुनौतियाँ प्रचलित हैं। फिल्म इस पर विचार करने के लिए आमंत्रित करती है कि एक माता-पिता अपनी बच्ची की रक्षा के लिए कितनी दूर जाएगा, इसे भारतीय सिनेमा में एक भावनात्मक प्रविष्टि बनाती है। "पिताah" कहानी कहने की कच्ची भावनात्मक शक्ति का एक प्रमाण है, जो दर्शकों को त्रासदी के सामने न्याय और प्रतिशोध के बीच की बारीक रेखा की याद दिलाती है।
कलाकार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Pitaah किस बारे में है?
Pitaah 2002 की नाटक और एक्शन फ़िल्म है, निर्देशक Mahesh Manjrekar, मुख्य भूमिका में Sanjay Dutt और Nandita Das। टैगलाइन: "एक पिता की पीड़ा न्याय की खोज को भड़काती है"।
Pitaah कब रिलीज़ हुई?
Pitaah 4 जनवरी 2002 (2002) को रिलीज़ हुई।
Pitaah कितनी लंबी है?
Pitaah की कुल अवधि 2 घंटे 7 मिनट (127 मिनट) है।
Pitaah किस genre की है?
Pitaah नाटक और एक्शन genre की फिल्म है।
Pitaah किस भाषा में है?
Pitaah की मूल भाषा हिन्दी है।
Pitaah कहाँ बनी है?
Pitaah भारत में निर्मित हुई है।
Pitaah में कौन-कौन हैं?
Pitaah में Sanjay Dutt, Nandita Das, Sachin Khedekar, Tanvi Hegde और Om Puri ने अभिनय किया है।
Pitaah किसने डायरेक्ट की?
Pitaah का निर्देशन Mahesh Manjrekar ने किया है।
Pitaah की रेटिंग क्या है?
Pitaah की TMDB पर 6.4/10 और सर्टिफिकेट 18।

















