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Samay: When Time Strikes

Samay: When Time Strikes (2003) — हिन्दी क्राइम

6.82003क्राइम और थ्रिलर2 घं 10 मि

समय थम जाता है, लेकिन न्याय स्थापित होना चाहिए

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सारांश

शहरी भारत के दिल में, हत्या की एक श्रृंखला शहर में हलचल मचा देती है, जिससे सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मालविका चौहान द्वारा एक दृढ़ जांच शुरू की जाती है। "समय: जब समय वार करता है," जो 2003 में रिलीज़ हुई, की कथा मालविका के चारों ओर घूमती है, क्योंकि वह इन क्रूर अपराधों के पीछे के रहस्य को सुलझाने के लिए समय के खिलाफ दौड़ती है। जैसे-जैसे दांव बढ़ते हैं और दबाव बढ़ता है, वह केवल कर्तव्य से नहीं, बल्कि मामले से व्यक्तिगत संबंध के कारण प्रेरित होती है, जो उसकी दृढ़ता को चुनौती देती है। "समय: जब समय वार करता है" का केंद्रीय संघर्ष मालविका की न्याय की निरंतर खोज में निहित है, जो बढ़ती हुई हत्याओं की एक श्रृंखला के बीच है जो पारंपरिक समझ को चुनौती देती हैं। जैसे-जैसे वह विभिन्न सुरागों को जोड़ती है, समय, तात्कालिकता, और अपराध का मनोवैज्ञानिक प्रभाव प्रमुखता में आ जाता है। रॉबी ग्रेवाल द्वारा निर्देशित, फिल्म अपराध, थ्रिलर, और रहस्य के तत्वों को कुशलता से मिलाती है, एक तंग वातावरण का निर्माण करती है जो मालविका के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है, क्योंकि वह अपने डर और समाज के अंधेरे पहलुओं का सामना करती है। इन हत्याओं को सुलझाने की खोज केवल एक प्रक्रियात्मक जांच नहीं बनती, बल्कि जब समय महत्वपूर्ण होता है, तो यह नैतिकता और मानव मन की खोज बन जाती है। आधुनिक भारत के पृष्ठभूमि में सेट, "समय: जब समय वार करता है" उन दर्शकों के साथ गूंजता है जो अपराध और मनोवैज्ञानिक तनाव में डूबी हुई कथाओं की सराहना करते हैं। फिल्म का न्याय की जटिलताओं की खोज, एक ऐसे समाज में जो हिंसा और अराजकता से ग्रस्त है, एक व्यापक दर्शक वर्ग को आकर्षित करती है, जो सुरक्षा और अज्ञात के चारों ओर सार्वभौमिक भय को दर्शाती है। सुष्मिता सेन और जैकी श्रॉफ जैसे प्रमुख कलाकारों के साथ, फिल्म जांच प्रक्रिया की तात्कालिकता को पकड़ती है, जबकि कानून प्रवर्तन में लगे लोगों द्वारा सामना किए गए भावनात्मक और नैतिक दुविधाओं में गहराई से उतरती है। जैसे-जैसे कथा सामने आती है, समय और नैतिकता के बीच का अंतर्संबंध एक स्थायी प्रश्न छोड़ता है: न्याय की खोज में कोई कितनी दूर जा सकता है इससे पहले कि यह पूरी तरह से फिसल जाए?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Samay: When Time Strikes किस बारे में है?

Samay: When Time Strikes 2003 की क्राइम और थ्रिलर फ़िल्म है, निर्देशक Robby Grewal, मुख्य भूमिका में Sushmita Sen और Jackie Shroff। टैगलाइन: "समय थम जाता है, लेकिन न्याय स्थापित होना चाहिए"।

Samay: When Time Strikes कब रिलीज़ हुई?

Samay: When Time Strikes 10 अक्टूबर 2003 (2003) को रिलीज़ हुई।

Samay: When Time Strikes कितनी लंबी है?

Samay: When Time Strikes की कुल अवधि 2 घंटे 10 मिनट (130 मिनट) है।

Samay: When Time Strikes किस genre की है?

Samay: When Time Strikes क्राइम, थ्रिलर और रहस्य genre की फिल्म है।

Samay: When Time Strikes किस भाषा में है?

Samay: When Time Strikes की मूल भाषा हिन्दी है।

Samay: When Time Strikes कहाँ बनी है?

Samay: When Time Strikes भारत में निर्मित हुई है।

Samay: When Time Strikes में कौन-कौन हैं?

Samay: When Time Strikes में Sushmita Sen, Jackie Shroff, Sushant Singh और Deepak Dobriyal ने अभिनय किया है।

Samay: When Time Strikes किसने डायरेक्ट की?

Samay: When Time Strikes का निर्देशन Robby Grewal ने किया है।

Samay: When Time Strikes की रेटिंग क्या है?

Samay: When Time Strikes की TMDB पर 6.8/10।

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